फिरोजाबाद। फिरोजाबाद बालक हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने डेढ़ वर्षीय मासूम की हत्या के दोषी विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को फांसी की सजा सुनाई है।
घटना के 41 दिन के भीतर आए इस फैसले को त्वरित न्याय की मिसाल माना जा रहा है।
एकतरफा प्रेम बना हत्या की वजह
अभियोजन के अनुसार आरोपी बच्चे की मां से एकतरफा प्रेम करता था। वह उससे शादी करना चाहता था,
लेकिन महिला ने प्रस्ताव ठुकरा दिया।
जांच में सामने आया कि इसी नाराजगी में आरोपी ने मासूम बच्चे को निशाना बनाया और उसकी हत्या कर दी।
टॉफी दिलाने के बहाने ले गया था साथ
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी मासूम को टॉफी दिलाने का बहाना बनाकर घर से ले गया।
इसके बाद उसने सुनसान स्थान पर बच्चे को कई बार जमीन पर पटक दिया।
गंभीर चोटों के कारण मासूम की मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फैल गया।
तेजी से पूरी हुई जांच
पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर कम समय में आरोपपत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य सबूत अदालत में पेश किए गए।
इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने सुनाई फांसी की सजा
फिरोजाबाद बालक हत्याकांड में अदालत ने अपराध को अत्यंत जघन्य मानते हुए विराज उर्फ जितेंद्र पाठक को मृत्युदंड की सजा सुनाई।
घटना के केवल 41 दिन के भीतर फैसला आने से यह मामला पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
