मेरठ/मुरादाबाद। मेरठ में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन शुक्रवार को बहुजन क्रांति युवा मोर्चा के बैनर तले किया गया।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ललिता गौतम हत्याकांड में त्वरित न्याय की मांग उठाई।
साथ ही नवनीत जाटव सहित अन्य युवाओं पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग भी की।
अनुज जाटव की कथित नजरबंदी का दावा
संगठन ने दावा किया कि प्रदर्शन से पहले राष्ट्रीय संयोजक अनुज जाटव को मुरादाबाद स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया।
संगठन का आरोप है कि देर रात उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया गया, जिससे वह मेरठ में आयोजित प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सके।
हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता, उठाई कई मांगें
संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण आंदोलन को रोकने का प्रयास किया गया।
इसके बावजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मेरठ कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान ललिता गौतम हत्याकांड की निष्पक्ष जांच, दोषियों की गिरफ्तारी और कथित झूठे मुकदमे वापस लेने की मांग दोहराई गई।
लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करने की अपील
कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है।
संगठन ने कहा कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी
मेरठ में न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन को देखते हुए मेरठ कलेक्ट्रेट परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।
पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी रही।
