मुरादाबाद मंडल में गोसंरक्षण अभियान बड़ी सफलता हासिल कर रहा है।
प्रशासन की सक्रियता से मुरादाबाद मंडल में गोसंरक्षण का नया रिकॉर्ड बना है।
मंडल के पांचों जिलों में लक्ष्य से कई गुना अधिक निराश्रित गोवंश को गोशालाओं में सुरक्षित आश्रय दिया गया है।
पांच जिलों में लक्ष्य से ज्यादा गोवंश को मिला आश्रय
गोसंरक्षण अभियान के तहत पांच जिलों में लगातार काम किया जा रहा है।
इसमें मुरादाबाद, रामपुर, संभल, अमरोहा और बिजनौर शामिल हैं।इन सभी जिलों में हजारों निराश्रित गोवंश को गोशालाओं में सुरक्षित रखा गया है।
गोसंरक्षण के इस अभियान से पशुओं को सुरक्षित जीवन मिल रहा है।
मुख्यमंत्री सहभागिता योजना से किसानों को सहारा
सरकार की मुख्यमंत्री सहभागिता योजना भी किसानों के लिए मददगार साबित हो रही है।
इस योजना के तहत हजारों किसानों ने गोवंश को गोद लिया है।सरकार प्रति गोवंश 50 रुपये प्रतिदिन देती है।
यानी करीब 1500 रुपये प्रति माह। यह राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खातों में भेजी जाती है।
इससे मंडल मे गोसंरक्षण को और मजबूती मिली है।
गोशालाओं में बेहतर सुविधाएं
मंडल की गोशालाओं में चारा, पानी और पशु चिकित्सा की अच्छी व्यवस्था की गई है।इसके साथ ही सीसीटीवी निगरानी भी लगाई गई है।
नोडल अधिकारी समय-समय पर निरीक्षण करते हैं। इससे व्यवस्थाएं मजबूत बनी हुई हैं।गोसंरक्षण का यह मॉडल लगातार बेहतर होता जा रहा है।
प्रदेश में बन रहा मिसाल
आंकड़ों के अनुसार गोसंरक्षण के तहत लक्ष्य से अधिक निराश्रित गोवंश को आश्रय दिया गया है।इस उपलब्धि के बाद मुरादाबाद मंडल का यह मॉडल पूरे प्रदेश में एक मिसाल बनता जा रहा है।
