मुरादाबाद। ई-पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में मंगलवार को अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों ने संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा।
ई-पंजीकरण व्यवस्था को लेकर उन्होंने सरकार से पुनर्विचार की मांग की।
यह ज्ञापन कैबिनेट मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर के नाम मंत्री प्रतिनिधि एवं पार्टी जिलाध्यक्ष रवि चौधरी को सौंपा गया।
डिजिटल रजिस्ट्री से रोजगार पर असर की आशंका
दि बार एसोसिएशन एंड लाइब्रेरी, मुरादाबाद तथा दस्तावेज लेखक एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि ई-पंजीकरण व्यवस्था
और डिजिटल रजिस्ट्री लागू होने से हजारों अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और टाइपिस्टों के रोजगार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
तकनीकी समस्याओं से आम जनता भी हो सकती है परेशान
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इंटरनेट कनेक्टिविटी की समस्या, तकनीकी खामियां और पुराने अभिलेखों के डिजिटलीकरण में आने वाली दिक्कतों के कारण आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उनका कहना था कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले इन समस्याओं का समाधान जरूरी है।
‘निबंधक मित्र’ व्यवस्था पर भी जताया विरोध
ज्ञापन में प्रस्तावित “निबंधक मित्र” व्यवस्था का भी विरोध किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इससे वर्षों से इस कार्य से जुड़े अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप विक्रेताओं और अन्य कर्मचारियों की आजीविका प्रभावित होगी।
उन्होंने सरकार से ई-पंजीकरण व्यवस्था, डिजिटल स्टांपिंग प्रणाली, 12 माह तक के किरायानामा एवं पट्टा विलेखों की ऑनलाइन प्रक्रिया और निबंधक मित्रों की नियुक्ति संबंधी आदेशों पर पुनर्विचार करने की मांग की।
रवि चौधरी ने मांग पहुंचाने का दिया आश्वासन
मंत्री प्रतिनिधि एवं सुभासपा जिलाध्यक्ष रवि चौधरी ने ज्ञापन प्राप्त कर प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर तक प्रमुखता से पहुंचाया जाएगा।
साथ ही उचित स्तर पर इस विषय पर विचार कराने का प्रयास किया जाएगा।
बड़ी संख्या में मौजूद रहे अधिवक्ता और पदाधिकारी
ज्ञापन सौंपने के दौरान बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखक एसोसिएशन और स्टांप विक्रेता संघ के पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा बड़ी संख्या में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक, टाइपिस्ट और सुभासपा कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया।
