मुरादाबाद। मुरादाबाद अलम का जुलूस पाकबड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम बागड़पुर की मंडिया से श्रद्धा और अकीदत के साथ निकाला गया।
मुरादाबाद अलम का जुलूस हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के 72 शहीदों की याद में आयोजित हुआ।
जुलूस में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग और युवा शामिल हुए। पूरे रास्ते “या हुसैन, या हुसैन” के नारों से माहौल गूंजता रहा।
बागड़पुर मंडिया से कर्बला मैदान तक पहुंचा जुलूस
मुरादाबाद अलम का जुलूस ग्राम बागड़पुर की मंडिया से शुरू होकर भूरे मियां की मजार, कैलसा रोड होते हुए पाकबड़ा स्थित कर्बला मैदान पहुंचा।
अकीदतमंदों ने अलम उठाकर हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके साथियों की कुर्बानियों को याद किया
तथा खिराज-ए-अकीदत पेश की। पूरे कार्यक्रम के दौरान पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहा।
कर्बला का संदेश इंसानियत, न्याय और सच्चाई का प्रतीक
वक्ताओं ने कहा कि कर्बला का संदेश सत्य, न्याय, इंसानियत और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े रहने की प्रेरणा देता है।
हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) ने अपने परिवार और साथियों के साथ शहादत स्वीकार कर सच्चाई और इंसाफ का परचम बुलंद किया।
उनकी कुर्बानी आज भी पूरी इंसानियत के लिए सब्र, हिम्मत और त्याग की मिसाल है।
मजलिस, कुरानख्वानी और तबर्रुक का आयोजन
कर्बला मैदान में दिनभर मजलिसों का आयोजन हुआ। कुरानख्वानी की गई।
हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) की याद में नजर दिलाई गई और तबर्रुक वितरित किया गया।
अकीदतमंदों ने उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प भी लिया।
बड़ी संख्या में शामिल हुए अज़ादार
जुलूस में प्रमुख रूप से इंतजार हुसैन उर्फ कल्लू वारसी, शानू वारसी, जुल्फेकार अली, रियाज हुसैन वारसी, सज्जाद अली,
मोहम्मद आसिफ, अख्तर हुसैन, सूफी इश्तेकार, शारिक, जाहिद अंसारी, हाजी इरफान, फिरोज आलम वारसी,
मोहम्मद रिजवान, मास्टर आलमगीर वारसी, फरमान अली, शहादत अली वारसी, वसीम वारसी,
जुल्फेकार मलिक सहित बड़ी संख्या में हुसैनी अज़ादार एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
