मुरादाबाद। मुरादाबाद कोचिंग अग्नि सुरक्षा जांच अभियान के तहत अग्निशमन विभाग ने मंगलवार को जिले के विभिन्न कोचिंग संस्थानों और शिक्षण संस्थानों का निरीक्षण किया।
इस दौरान फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकासी मार्ग, अग्निशामक यंत्र और अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई।
अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना रहा।
स्कॉलर्स डेन में आयोजित हुई फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल
मुरादाबाद कोचिंग अग्नि सुरक्षा जांच अभियान के तहत स्कॉलर्स डेन कोचिंग संस्थान में फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को आग लगने की स्थिति में सुरक्षित निकासी
और त्वरित प्रतिक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया।
अग्निशामक यंत्रों के सही उपयोग का दिया गया प्रशिक्षण
मॉक ड्रिल के दौरान अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने अग्निशामक यंत्रों के सही उपयोग,
आपातकालीन संचार व्यवस्था, सुरक्षित निकासी प्रक्रिया और प्राथमिक प्रतिक्रिया के तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आपदा के समय घबराने के बजाय निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करना सबसे जरूरी है।
स्कॉलर्स डेन में उपलब्ध हैं आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं
संस्थान के संचालक मो. यासीर अली ने बताया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
संस्थान में एड्रेसेबल फायर अलार्म सिस्टम, स्मोक और हीट डिटेक्टर, प्रकाशित एग्जिट संकेतक, आपातकालीन निकासी मार्ग,
अग्निशामक यंत्र, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, प्राथमिक उपचार सुविधा
और यूपीएस व जनरेटर बैकअप जैसी आधुनिक सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं।
नियमित मॉक ड्रिल जारी रखने का भरोसा
हाल ही में लखनऊ में हुई दुखद अग्निकांड की घटना के बाद अभिभावकों की चिंताओं को देखते हुए संस्थान प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि सभी अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है।
साथ ही भविष्य में भी नियमित फायर सेफ्टी प्रशिक्षण और मॉक ड्रिल आयोजित की जाती रहेगी।
सीएफओ ने दिए सुरक्षा मानकों के पालन के निर्देश
मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) आर.के. पांडे ने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों
और कोचिंग सेंटरों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करना चाहिए।
इससे किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को रोका जा सकता है और विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
