मुरादाबाद। जनपद के सादकपुर स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र को मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है।
जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी और जॉइंट मजिस्ट्रेट शक्ति दुबे के साथ सादकपुर एवं फाजलपुर गौ संरक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस दौरान अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
मॉडल गौशाला में तैयार होगा ‘गौ कृपा अमृतम्’
सादकपुर गौ संरक्षण केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इसे मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि देसी गौवंश के गोबर और गोमूत्र से तैयार होने वाला “गौ कृपा अमृतम्” प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देगा।
इससे किसानों को रासायनिक उर्वरकों के विकल्प के रूप में एक उपयोगी उत्पाद उपलब्ध होगा।
देसी गौवंश को किया जाएगा एकीकृत
जिलाधिकारी ने बताया कि क्षेत्र की अन्य गौशालाओं में संरक्षित देसी गौवंश को भी सादकपुर केंद्र में स्थानांतरित करने की योजना पर कार्य किया जाएगा।
इससे मॉडल गौशाला की अवधारणा को मजबूती मिलेगी और गौ आधारित गतिविधियों का विस्तार होगा।
हरे चारे के लिए बढ़ेगा भूमि क्षेत्र
गौवंश के लिए पर्याप्त हरे चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने गौशाला से संबद्ध भूमि क्षेत्र बढ़ाने के निर्देश दिए।
साथ ही चारागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर वहां हरा चारा उगाने और गौशालाओं को उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा।
फाजलपुर केंद्र में जलभराव से निपटने की तैयारी
फाजलपुर स्थित वृहद गौ संरक्षण केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बारिश और बाढ़ के समय संभावित जलभराव को देखते हुए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने गौशाला की सुरक्षा के लिए मजबूत बाउंड्रीवाल और प्रवेश द्वार पर रैंप निर्माण कराने को भी कहा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और प्राकृतिक खेती को मिलेगा लाभ
जिलाधिकारी ने कहा कि मॉडल गौशाला केवल गौवंश के संरक्षण तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था, प्राकृतिक कृषि और पर्यावरण संरक्षण का भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
कई अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील दत्त सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने मॉडल गौशाला परियोजना को सफल बनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की।
