नई दिल्ली। अग्निवीर भर्ती 2026 को लेकर बड़ी चर्चा शुरू हो गई है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अग्निवीरों के प्रदर्शन के बाद सैन्य सेवाओं में अधिक अग्निवीरों को स्थायी करने पर विचार किया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में 25 प्रतिशत अग्निवीरों को परमानेंट करने के प्रावधान को बढ़ाकर 50 से 75 प्रतिशत तक किया जा सकता है।
हालांकि, सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्यों बदली सोच
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कई अग्निवीरों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन किया। सैन्य अधिकारियों का मानना है कि प्रशिक्षित जवानों को अधिक समय तक सेवा में रखने से सेना को अनुभव और दक्षता का लाभ मिलेगा।
इसी वजह से स्थायी अग्निवीरों की संख्या बढ़ाने पर मंथन चल रहा है।
तीनों सेनाओं ने भेजा प्रस्ताव
रिपोर्ट्स के मुताबिक, तीनों सेनाओं ने सरकार को अलग-अलग प्रस्ताव भेजे हैं।
- नौसेना ने 75 प्रतिशत तक अग्निवीरों को परमानेंट करने का सुझाव दिया है।
- थल सेना और वायु सेना ने 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत तक करने का प्रस्ताव रखा है।
- अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय के स्तर पर लिया जाएगा।
अलग-अलग शाखाओं में अलग हो सकती है संख्या
सूत्रों के अनुसार, विभिन्न सैन्य शाखाओं में स्थायी अग्निवीरों का प्रतिशत अलग-अलग हो सकता है।
- पैदल सेना और कॉम्बैट आर्म्स में 70 से 75 प्रतिशत तक रखने पर विचार।
- एयर डिफेंस, सिग्नल्स और इंजीनियर्स जैसी तकनीकी शाखाओं में 80 प्रतिशत तक संभावना।
- स्पेशल फोर्सेस में चयनित अग्निवीरों को 100 प्रतिशत तक बनाए रखने पर भी चर्चा।
पहला बैच पूरा करेगा चार साल का कार्यकाल
अग्निपथ योजना वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। पहला अग्निवीर बैच वर्ष 2026 में चार साल का कार्यकाल पूरा करेगा।
माना जा रहा है कि इसी अवधि में स्थायी भर्ती के प्रतिशत को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
अग्निवीर भर्ती 2026 में बढ़ सकती हैं वैकेंसी
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले वर्ष लगभग 70 हजार अग्निवीर प्रशिक्षण में शामिल हुए थे। आने वाले वर्षों में भर्ती का आंकड़ा बढ़कर 90 हजार से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है।
इससे अग्निवीर भर्ती 2026 के तहत युवाओं के लिए अवसर भी बढ़ सकते हैं।
अभी नहीं हुआ है अंतिम फैसला
फिलहाल 75 प्रतिशत अग्निवीरों को परमानेंट करने का कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है। सरकार प्रस्तावों पर विचार कर रही है। अंतिम फैसला होने के बाद ही नई व्यवस्था लागू होगी।
