मुरादाबाद के थाना छजलैट क्षेत्र स्थित अनिका हॉस्पिटल मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। आर्यन के पिता संजय सिंह ने डॉक्टर परवेज मलिक पर लगाए गए लापरवाही के आरोप वापस ले लिए हैं।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर की ओर से इलाज में कोई लापरवाही नहीं बरती गई थी और वह कुछ लोगों के बहकावे में आ गए थे।
पहले लगाए थे गंभीर आरोप
दरअसल, संजय सिंह ने पहले आरोप लगाया था कि उनके 8 वर्षीय बेटे आर्यन की हालत डॉक्टर परवेज मलिक के इलाज के दौरान बिगड़ गई थी।
इस अनिका हॉस्पिटल मामले को लेकर सोशल मीडिया और कई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर खबरें भी प्रसारित हुई थीं।
अब मामले में नया बयान सामने आने के बाद पूरा घटनाक्रम बदलता नजर आ रहा है।
डॉक्टर परवेज मलिक ने बताया पूरा घटनाक्रम
डॉक्टर परवेज मलिक ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आर्यन पहली बार 25 मार्च 2026 को पेट दर्द, उल्टी और कमजोरी की शिकायत लेकर अस्पताल आया था।
जांच में SGOT और SGPT का स्तर काफी बढ़ा हुआ मिला था।
डॉक्टर परवेज मलिक के अनुसार मरीज को भर्ती करने की सलाह दी गई थी, लेकिन परिजन इंजेक्शन लगवाकर बच्चे को घर ले गए थे।
दूसरी बार अस्पताल पहुंचा था आर्यन
डॉक्टर परवेज मलिक ने बताया कि 26 मार्च की शाम को आर्यन को दोबारा अस्पताल लाया गया।
उस समय बच्चे को पैरों में दर्द और कमजोरी की शिकायत थी। इसके बाद मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू किया गया।
साथ ही बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ब्रह्मप्रीत कौर से फोन और व्हाट्सएप के जरिए परामर्श भी लिया गया।
Guillain-Barré Syndrome बीमारी की हुई पुष्टि
डॉक्टर परवेज मलिक के मुताबिक 27 मार्च की सुबह मरीज में न्यूरोलॉजिकल लक्षण तेजी से बढ़ने लगे। बच्चे को चलने में परेशानी होने लगी थी।
हालत गंभीर देखते हुए मरीज को तत्काल हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। वहां जांच के दौरान Guillain-Barré Syndrome जैसी गंभीर न्यूरोलॉजिकल बीमारी की पुष्टि हुई।
डॉक्टर परवेज मलिक ने कहा कि किसी भी मेडिकल रिपोर्ट या डिस्चार्ज समरी में उनके इलाज को मरीज की हालत बिगड़ने का कारण नहीं बताया गया है।
सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोपों को बताया निराधार
डॉक्टर ने कहा कि सोशल मीडिया पर लगाए गए लंबे समय तक भर्ती रखकर पैसे लेने और अस्पताल छोड़कर भागने जैसे आरोप पूरी तरह निराधार हैं।
उन्होंने कहा कि इलाज पूरी मेडिकल प्रक्रिया के अनुसार किया गया था।
आर्यन के पिता बोले- बहकावे में आकर की थी शिकायत
आर्यन के पिता संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें बीमारी की गंभीरता और प्रकृति की सही जानकारी नहीं थी।
उन्होंने बताया कि बाद में हायर सेंटर के डॉक्टरों और अन्य चिकित्सकों ने समझाया कि यह एक जटिल न्यूरोलॉजिकल बीमारी है।
इसके बाद उन्हें पूरे मामले की सच्चाई पता चली। संजय सिंह ने स्वीकार किया कि डॉक्टर परवेज मलिक की ओर से किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई थी।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से शिकायत वापस लेने का फैसला
संजय सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को दी गई शिकायत वापस लेने का फैसला किया है।
अब वह इस मामले में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं चाहते। अनिका हॉस्पिटल मामले में आए इस नए मोड़ के बाद पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
