मुरादाबाद। जनपदीय नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार सिंह ने जिले के विभिन्न गौ आश्रय स्थलों का निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने गोवंशों की देखभाल, चारा, पानी और अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
निरीक्षण में अपर निदेशक ग्रेड-2 और मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी भी मौजूद रहे।
कान्हा गौशाला में मिली बेहतर व्यवस्थाएं
नगर निगम मुरादाबाद स्थित कान्हा गौशाला में 882 गोवंश संरक्षित पाए गए। यहां भूसा और हरा चारा पर्याप्त मात्रा में मिला।
गोवंशों को प्रतिदिन 500 ग्राम दाना दिए जाने की जानकारी अधिकारियों को दी गई।
गौशाला में गोबर से गौकाष्ठ, मूर्तियां और पूजा सामग्री तैयार की जा रही है।
वहीं गोबर गैस प्लांट से उत्पन्न बिजली से उपकरण संचालित किए जा रहे हैं। गोबर से खाद भी बनाई जा रही है।
फाजलपुर गो संरक्षण केंद्र में तैयार हो रहा प्लेटफार्म
वृहद गो संरक्षण केंद्र फाजलपुर में 189 गोवंश संरक्षित मिले। यहां हरा चारा उगाने के लिए लिंक भूमि पर खेती की गई है।
बरसात में गोवंशों को सुरक्षित रखने के लिए चार फीट ऊंचे प्लेटफार्म का निर्माण कराया जा रहा है।
गर्मी और लू से बचाव के लिए शेडों के चारों ओर जूट के पर्दे लगाए गए हैं।
समीक्षा बैठक में दिए जरूरी निर्देश
निरीक्षण के बाद आयुक्त सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुरादाबाद मंडल के अधिकारियों ने भाग लिया।
आयुक्त ने गौ आश्रय स्थलों से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बायोगैस प्लांट, वर्मी कम्पोस्ट और नवाचार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
अन्य गौशालाओं में भी मिली संतोषजनक व्यवस्था
बिलारी स्थित कान्हा गौशाला में 140, अस्थाई गौ आश्रय स्थल चंगेरी में 406 और वृहद गौ संरक्षण केंद्र हाजीपुर में 340 गोवंश संरक्षित पाए गए।
सभी स्थानों पर गोवंशों का स्वास्थ्य संतोषजनक मिला। चारा और पानी की पर्याप्त व्यवस्था पाई गई।
गर्मी से बचाव के लिए शेडों में जूट के पर्दों का उपयोग किया जा रहा है।
