उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में लावारिस शव अंतिम संस्कार का एक मानवीय उदाहरण सामने आया है।
ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन ने तीन लावारिस शवों का उनके धर्म के अनुसार पूरे सम्मान और विधि-विधान से अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की।
पुलिस ने 72 घंटे तक की पहचान की कोशिश
जानकारी के अनुसार कटघर थाना, कोतवाली थाना और जीआरपी थाना क्षेत्र से पुलिस को एक-एक लावारिस शव मिला था।
पुलिस ने करीब 72 घंटे तक मृतकों की पहचान कराने और उनके परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया।
काफी कोशिशों के बाद भी पहचान नहीं हो सकी।
इसके बाद नियमानुसार तीनों शव ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन को सौंप दिए गए।
धर्म के अनुसार कराया गया अंतिम संस्कार
संस्था ने दो हिंदू शवों का लालबाग श्मशान घाट पर विधि-विधान से अंतिम संस्कार कराया।
वहीं एक मुस्लिम शव को झब्बू का नाला स्थित सरकारी कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
लावारिस शव अंतिम संस्कार के इस कार्य की लोगों ने सराहना की।
25 वर्षों से कर रही है समाजसेवा
संस्था के पदाधिकारी राशिद सिद्दीकी ने बताया कि ह्यूमन वेलफेयर एसोसिएशन पिछले 25 वर्षों से लावारिस हिंदू और मुस्लिम शवों का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर रही है।
उन्होंने कहा कि संस्था हर मृतक के धर्म और धार्मिक परंपराओं का पूरा सम्मान करती है।
लोगों से की महत्वपूर्ण अपील
राशिद सिद्दीकी ने लोगों से अपील की कि घर से बाहर निकलते समय हमेशा अपने पास आधार कार्ड, पहचान पत्र या कोई अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज अवश्य रखें।
इससे किसी दुर्घटना या अप्रिय घटना की स्थिति में परिवार तक समय पर सूचना पहुंचाई जा सकती है।
उन्होंने समाज के लोगों से संस्था के इस मानवीय कार्य में सहयोग करने और अपनी इच्छा के अनुसार मदद के लिए आगे आने की भी अपील की।
