दारुल उलूम उस्मानिया स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गुलाब मस्जिद, रसूलपुर नगला, जामा मस्जिद रोड स्थित परिसर में गरिमामय कार्यक्रम आयोजित किया गया।
दारुल उलूम उस्मानिया स्वतंत्रता दिवस समारोह की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराकर की गई।
इसके बाद सभी उपस्थित लोगों ने पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान गाया।
कार्यक्रम में देश की आज़ादी के अमर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
देश की एकता और भाईचारे का संदेश
हज़रत मुफ़्ती अब्दुल हक़ रसूलपुरी (कन्वीनर, इस्लाह-ए-मुआशरा, जमीयत उलेमा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश) ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें देश की एकता,
अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने युवाओं से शिक्षा प्राप्त करने, अच्छे संस्कार अपनाने और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने की अपील की।
शिक्षा और अनुशासन पर दिया गया जोर
डायरेक्टर शिहाबी एकेडमी मौलाना अब्दुत्तव्वाब कासमी ने कहा कि राष्ट्र की प्रगति शिक्षा,
अनुशासन और आपसी सौहार्द पर आधारित होती है।
उन्होंने सभी नागरिकों से देश की तरक्की, अमन-चैन और सामाजिक सद्भाव के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
देश की खुशहाली और तरक्की के लिए दुआ
कार्यक्रम का समापन देश की खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे की दुआ के साथ हुआ।
दारुल उलूम उस्मानिया स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उलेमा, शिक्षक, छात्र और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
