मुरादाबाद के बहुचर्चित मैनाठेर हिंसा कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। मैनाठेर हिंसा कांड में 16 दोषियों को उम्रकैद दी गई। कोर्ट ने सख्त रुख दिखाया। इससे कानून व्यवस्था को मजबूत संदेश गया।
पुलिस टीम पर जानलेवा हमला
यह मामला 6 जुलाई 2011 का है। मैनाठेर हिंसा कांड में आरोपियों ने पुलिस टीम पर हमला किया।
घटना डींगरपुर करसा के पास पेट्रोल पंप की है।हमलावरों ने लाठी-डंडे और धारदार हथियार इस्तेमाल किए।
उपनिरीक्षक अशोक कुमार सिंह गंभीर घायल हुए।
सरकारी पिस्टल लूटी, संपत्ति को नुकसान
हमले के दौरान सरकारी पिस्टल लूट ली गई।सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया।मैनाठेर हिंसा कांड में यह बेहद गंभीर अपराध माना गया।
कई धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने इस मामले में कई धाराओं में केस दर्ज किया। इनमें 147, 148, 307, 395, 397 सहित अन्य धाराएं शामिल हैं।मैनाठेर हिंसा कांड में लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम भी लगाया गया।
कोर्ट ने सुनाई कड़ी सजा
अदालत ने सभी 16 आरोपियों को दोषी ठहराया।
- धारा 436 और 395 में उम्रकैद
- 40 हजार रुपये का जुर्माना
- धारा 307 में 10 साल की सजा
- धारा 397 में 7 साल की सजा
- अन्य धाराओं में 2 से 3 साल की सजा
मैनाठेर हिंसा कांड में यह फैसला सख्त माना जा रहा है।
कानून व्यवस्था को मिला मजबूत संदेश
कोर्ट के इस फैसले से साफ संदेश गया। पुलिस पर हमले बर्दाश्त नहीं होंगे।मैनाठेर हिंसा कांड का यह निर्णय भविष्य के लिए मिसाल माना जा रहा है।
