शाहजहांपुर। शहर में काकोरी शहीदों की प्रतिमाएं हटाने का मामला तूल पकड़ गया है।
टाउन हॉल के सामने लगी प्रतिमाएं रात में हटा दी गईं। इस कार्रवाई के बाद लोगों में नाराज़गी बढ़ गई है
रात में चली कार्रवाई, कमेटी ने जताया विरोध
बताया जा रहा है कि 23 मार्च को तड़के करीब 3 बजे नगर निगम की टीम ने कार्रवाई की।
सौंदर्यीकरण और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर बुलडोजर चलाया गया।
इस दौरान रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान और रोशन सिंह की प्रतिमाएं हटा दी गईं।
कमेटी का आरोप है कि प्रतिमाओं को हटाते समय नुकसान भी पहुंचाया गया। इसे अपमानजनक बताया गया है।
शहादत दिवस पर कार्रवाई पर उठे सवाल
कमेटी ने कहा कि 23 मार्च का दिन भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे दिन पर यह कार्रवाई संवेदनहीनता दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि काकोरी कांड के शहीदों का यह अपमान है। इसे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कमेटी की दो बड़ी मांगें
कमेटी ने प्रशासन के सामने दो मांगें रखीं—
- शहीदों की प्रतिमाएं सम्मान के साथ उसी स्थान पर दोबारा लगाई जाएं
- जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कार्रवाई हो
शहर में बढ़ा आक्रोश
काकोरी शहीदों की प्रतिमाएं हटाने पर विजयपाल सिर, औरंगजेब, सत्यपाल सिंह, रंजन नंदा, शराफत हुसैन, साहिल शम्सी समेत कई लोगों ने विरोध दर्ज कराया। मामले को लेकर शहर में गुस्सा बढ़ रहा है।
