मेरठ, 22 जून। इंडियन एनर्जी स्टैक के जरिए बिजली सेवाओं को आधुनिक और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की दिशा में मेरठ के ऊर्जा भवन में तीन दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई।
इंडियन एनर्जी स्टैक विषय पर आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) ने की।
इसमें निगम के वरिष्ठ अधिकारी, एएमआईएसपी एजेंसियां और अन्य हितधारक शामिल हुए।
डिजिटल तकनीक से उपभोक्ताओं को मिलेगा सीधा लाभ
कार्यशाला में बताया गया कि इंडियन एनर्जी स्टैक के माध्यम से बिजली वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक बनाया जाएगा।
उपभोक्ताओं को तेज, सरल और पारदर्शी डिजिटल सेवाएं मिलेंगी।
विशेषज्ञों ने स्मार्ट मीटरिंग, रियल-टाइम डेटा और डिजिटल प्लेटफॉर्म की उपयोगिता पर विस्तार से प्रस्तुतीकरण दिया।
राजस्व प्रबंधन और सेवा गुणवत्ता में होगा सुधार
अधिकारियों ने बताया कि इसके जरिए उपभोक्ता अपने बिजली उपभोग की निगरानी स्वयं कर सकेंगे।
वहीं डिस्कॉम को राजस्व प्रबंधन, डेटा आधारित निर्णय लेने और सेवा गुणवत्ता में सुधार करने में सहायता मिलेगी।
शिकायतों का त्वरित निस्तारण, एटी एंड सी हानियों में कमी और बिजली चोरी की पहचान भी अधिक प्रभावी होगी।
रवीश गुप्ता बोले- भविष्य की जरूरत है इंडियन एनर्जी स्टैक
प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने कहा कि यह बिजली क्षेत्र को अधिक डेटा आधारित और उपभोक्ता केंद्रित बनाने की महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने अधिकारियों से डिजिटल तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करने का आह्वान किया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने की कार्यशाला में सहभागिता
कार्यशाला में निदेशक (वाणिज्य) संजय जैन, मुख्य अभियंता पी.के. सिंह, आरईसी की दीप्ता, डीजीएम अंकित कुमार,
अधीक्षण अभियंता रवि कुमार, अधिशासी अभियंता मानवेन्द्र सिंह, सतेन्द्र गंगवार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
