मुरादाबाद। आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी पैसे मांगने का आरोप मुरादाबाद में सामने आया है।
जाहिदपुर सीकमपुर निवासी फिरासत पुत्र वाजिद ने एक निजी अस्पताल के खिलाफ मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से शिकायत की है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वैध कार्ड होने के बावजूद अस्पताल ने योजना के तहत इलाज नहीं किया
और उपचार के लिए धनराशि की मांग की।
आयुष्मान कार्ड पर भर्ती, बाद में मांगे इलाज के पैसे
शिकायतकर्ता के अनुसार, वह आयुष्मान भारत योजना का पात्र लाभार्थी है। उसके पास वैध आयुष्मान कार्ड है।
उसने बताया कि 28 जून 2026 को वह उपचार के लिए वर्धमान ऑर्थोपेडिक हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था।
अस्पताल प्रबंधन ने शुरुआत में भरोसा दिया कि पहले भर्ती हो जाएं, बाद में आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
परिजनों ने आयुष्मान कार्ड दिखाया, फिर भी इलाज से किया इनकार
फिरासत का आरोप है कि भर्ती होने के अगले दिन अस्पताल की ओर से इलाज और दवाइयों के लिए पैसे मांगे गए।
जब परिजनों ने आयुष्मान कार्ड का हवाला दिया तो अस्पताल ने कथित रूप से योजना के तहत इलाज करने से इनकार कर दिया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पैसे मांगने का आरोप पूरी तरह सही है
और यह आयुष्मान भारत योजना के नियमों के विपरीत है।
सीएमओ से कार्रवाई की मांग
फिरासत ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने संबंधित अस्पताल और जिम्मेदार चिकित्सकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की अपील की है।
शिकायत में कहा गया है कि पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ बिना किसी अतिरिक्त भुगतान के मिलना चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दिया भरोसा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है। मामले की जांच नियमानुसार कराई जाएगी।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अस्पताल और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
