रेलवे भूमि बस स्टैंड विवाद को लेकर मंगलवार को मुरादाबाद में बस मालिकों और व्यापारियों ने जिलाधिकारी (डीएम) और मंडलायुक्त से मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर हाईकोर्ट के स्थगन आदेश (स्टे) का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की।
उनका कहना है कि स्टे के बावजूद बस स्टैंड और दुकानों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
20 वर्षों से संचालित हो रहा है बस स्टैंड
बस मालिक शकील चौधरी ने बताया कि वह पिछले करीब 20 वर्षों से रेलवे की भूमि पर किरायेदार के रूप में मुरादाबाद-टांडा-बाजपुर बस स्टैंड का संचालन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मामले में हाईकोर्ट से स्थगन आदेश प्राप्त है।
इसके बावजूद बसों को हटाने और तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई, जो न्यायालय के आदेशों के विपरीत है।
अधिकारियों को सौंपी हाईकोर्ट के आदेश की प्रति
शकील चौधरी ने बताया कि रेलवे भूमि बस स्टैंड विवाद से जुड़े मामले में डीएम, मंडलायुक्त और डीआरएम को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति भी उपलब्ध करा दी गई है।
बस संचालकों ने मांग की कि पूर्व की तरह बसों का संचालन जारी रखा जाए और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
व्यापारियों ने भी जताई चिंता
व्यापारी नेता इकबाल हुसैन, ओपी रस्तोगी, वीरेन्द्र कुमार समेत अन्य व्यापारियों ने भी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।
उनका आरोप है कि गलत जानकारी के आधार पर रेल विभाग दुकानों को ध्वस्त करने की तैयारी कर रहा है।
व्यापारियों ने कहा कि रेलवे भूमि बस स्टैंड विवाद में हाईकोर्ट के आदेशों का पूरी तरह पालन कराया जाए
और उनकी दुकानों को सुरक्षित रखा जाए।
निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और न्यायालय के आदेशों का सम्मान सुनिश्चित करने की मांग की।
साथ ही कहा कि किसी भी कार्रवाई से पहले कोर्ट के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए।
