मुरादाबाद। मुरादाबाद हरित जेल अभियान के तहत जिला कारागार में पर्यावरण संरक्षण और जल बचाव को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान का शुभारंभ किया गया।
मुरादाबाद हरित जेल अभियान की शुरुआत ‘वाटर वूमन’ के नाम से प्रसिद्ध सुश्री शिप्रा पाठक ने की।
कार्यक्रम में वृक्षारोपण के साथ पर्यावरण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन भी किया गया,
जिसमें जेल अधिकारी, कर्मचारी और बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
ख्वास और शमी के पौधे लगाकर दिया हरियाली का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार सिंह और सुश्री शिप्रा पाठक ने कारागार परिसर में ख्वास और शमी के पौधे लगाए।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण, जल बचाव और वृक्षारोपण के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई।
उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का आह्वान किया गया।
पंचतत्व पौधशाला होगी स्थापित
सुश्री शिप्रा पाठक ने बताया कि आने वाले समय में मुरादाबाद हरित जेल अभियान के अंतर्गत जिला कारागार सहित अन्य जेलों में ‘पंचतत्व पौधशाला’ स्थापित की जाएगी।
इसका उद्देश्य बंदियों को प्रकृति से जोड़ना और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लगातार जागरूक बनाना है।
बंदियों को बनाया जाएगा पर्यावरण प्रहरी
अभियान के तहत इच्छुक बंदियों को पर्यावरण प्रहरी के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
उन्हें पौधों की देखभाल, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी।
इससे बंदी अपनी सजा अवधि के दौरान सकारात्मक कार्यों से जुड़ सकेंगे और समाज के लिए प्रेरणा बनेंगे।
पर्यावरण संरक्षण हर नागरिक की जिम्मेदारी
वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण से ही प्रदूषण और पर्यावरणीय चुनौतियों का प्रभावी समाधान संभव है।
इसलिए सभी को पौधे लगाने और उनकी सुरक्षा का संकल्प लेना चाहिए।
भविष्य में भी जारी रहेंगे जागरूकता कार्यक्रम
कार्यक्रम के समापन पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने पंचतत्व संस्था का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी जिला कारागार में पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण से जुड़े ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे,
ताकि बंदियों में सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके।
