मुरादाबाद। जिला स्वास्थ्य समिति की मासिक समीक्षा बैठक में जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने की।
उन्होंने कम प्रगति वाले कार्यक्रमों में सुधार के निर्देश दिए। जननी सुरक्षा योजना की खराब प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताई।
कुंदरकी, बिलारी, मूंढापांडे और डिलारी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य कार्यक्रमों की राज्य रैंकिंग की समीक्षा
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई मुरादाबाद स्वास्थ्य समिति बैठक में कार्यक्रमवार राज्य स्तरीय रैंकिंग की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।
मुरादाबाद ने उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य डैशबोर्ड में राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है। आभा पहचान-पत्र में भी जनपद दूसरे स्थान पर रहा।
क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम में मुरादाबाद को छठा स्थान मिला। स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्र रिपोर्टिंग में भी जनपद छठे स्थान पर रहा। ई-संजीवनी में जनपद चौथे स्थान पर है।
वहीं जनपद स्वास्थ्य समिति बैठक एवं आंकड़ा गुणवत्ता में 19वां स्थान दर्ज हुआ। गैर-संचारी रोग कार्यक्रम में जनपद 25वें स्थान पर रहा। गुणवत्ता कार्यक्रम में 31वां स्थान मिला।
बीडीएम पोर्टल प्रविष्टि-आयुष्मान कार्यक्रम में जनपद 19वें स्थान पर रहा।
जननी सुरक्षा योजना भुगतान में मुरादाबाद की राज्य रैंकिंग 32वीं रही।
जननी सुरक्षा योजना की खराब प्रगति पर डीएम नाराज
मुरादाबाद स्वास्थ्य समिति बैठक के दौरान जननी सुरक्षा योजना की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने नाराजगी जताई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजना की प्रगति की जानकारी ली। पात्र लाभार्थियों को समय से योजना का लाभ देने के निर्देश दिए।
खराब प्रदर्शन को लेकर कुंदरकी, बिलारी, मूंढापांडे और डिलारी के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली स्वास्थ्य योजनाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
बेहतर रैंकिंग वाले कार्यक्रमों में भी सुधार के निर्देश
डीएम ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले कार्यक्रमों की उपलब्धि बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य डैशबोर्ड और आभा पहचान-पत्र में दूसरे स्थान की उपलब्धि का उल्लेख किया।
ई-संजीवनी में चौथा स्थान और क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम में छठा स्थान भी दर्ज किया गया है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से इन उपलब्धियों को बनाए रखने को कहा।
साथ ही कम रैंकिंग वाले कार्यक्रमों में सुधार के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
संचारी रोग नियंत्रण अभियान की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के तृतीय चरण की तैयारियों की भी समीक्षा हुई।
विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
दस्तक अभियान 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा।
डीएम ने अभियान से पहले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने अभियान के दौरान प्रतिदिन क्षेत्र में निर्धारित गतिविधियां कराने को कहा।
साथ ही उनकी नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
फॉगिंग और एंटी लार्वा गतिविधियों पर जोर
जिलाधिकारी ने नगर विकास विभाग और ग्राम विकास एवं पंचायतीराज विभाग को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव कराने को कहा। नालियों की सफाई और झाड़ियों की कटाई पर भी जोर दिया।
जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। ऐसे स्थानों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के निर्देश
मुरादाबाद स्वास्थ्य समिति बैठक में डीएम ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने को कहा।
उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।
क्षय रोग नियंत्रण और गैर-संचारी रोग कार्यक्रमों की भी समीक्षा करने को कहा।
आभा पहचान-पत्र और आयुष्मान भारत योजना की प्रगति पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने कहा कि कम रैंकिंग वाले कार्यक्रमों की कमियां चिन्हित की जाएं।
विकासखंडवार कार्ययोजना बनाई जाए। उसकी नियमित समीक्षा भी की जाए।
उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों में सुधार पर्याप्त नहीं है। स्वास्थ्य योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए।
विभागों के बीच समन्वय पर जोर
जिलाधिकारी ने संचारी रोग नियंत्रण अभियान को सफल बनाने के लिए अंतरविभागीय समन्वय पर जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग के साथ नगर विकास, ग्राम विकास, पंचायतीराज, पशुपालन, शिक्षा, कृषि और सिंचाई विभाग को समन्वय से काम करने के निर्देश दिए गए।
क्षेत्रीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की नियमित समीक्षा करने को भी कहा गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुश्री मृणाली अविनाश जोशी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलदीप सिंह,
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, जिला मलेरिया अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
