मुरादाबाद, 20 जून। भारतीय वाल्मीकि धर्म सभा की केंद्रीय, प्रदेश, मंडल और जिला स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक पंचायत भवन स्थित स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भवन में आयोजित हुई।
भारतीय वाल्मीकि धर्म सभा की इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए।
सबसे महत्वपूर्ण निर्णय जसपाल सिंह वाल्मीकि को संगठन के राष्ट्रीय पद से हटाने का रहा।
श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई बैठक
बैठक की शुरुआत भगवान वाल्मीकि महाराज की वंदना, भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई।
धर्म गुरु विकल जी महाराज, गुरु प्रभु ऋषि नाथ और धर्माचार्य चंद्रपाल अनार्य को भी नमन किया गया।
राष्ट्रीय पद से हटाए गए जसपाल सिंह वाल्मीकि
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहित चंदेल ने घोषणा की कि जसपाल सिंह वाल्मीकि को भारतीय वाल्मीकि धर्म सभा के राष्ट्रीय पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है।
उनकी प्रदेश, मंडल, जिला और तहसील स्तर की सभी कार्यकारिणियां भी भंग कर दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि जसपाल सिंह अब संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं हैं।
यदि वे संगठन के नाम, लेटर पैड या 78/23 नंबर के पत्राचार का उपयोग करते हैं तो उनके खिलाफ संगठनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षा से समाज को मिलेगा नया रास्ता
राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेश एफ.सी. नागवंशी ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा माध्यम है।
उन्होंने सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने और समाज को एकजुट रखने पर जोर दिया।
संविधान की जानकारी से बढ़ेगी जागरूकता
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रोहित चंदेल ने कहा कि जब समाज के बच्चे शिक्षित होंगे तो वे महर्षि वाल्मीकि की रामायण
और बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान को पढ़कर अपने अधिकारों और कर्तव्यों को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और संविधान की जानकारी समाज को सशक्त बनाएगी।
बैठक में बड़ी संख्या में पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री वीर वाले चरण, राष्ट्रीय उपसचिव वीर हरकिशन, सुभाष चौधरी, गजेन्द्र सिंह, चिंटू, प्रदेश सचिव यश चंदेल,
प्रदेश अध्यक्ष आदेश कुमार, प्रदेश उपाध्यक्ष शिव चरण, मंडल अध्यक्ष सुंदर सिंह, मंडल उपाध्यक्ष मणि चौहान,
जिला अध्यक्ष राजीव कुमार, वीजेन्द्र बिलारी, पप्पू मास्टर दोलारी, जिला सचिव हरीश चंद्र, नगर सचिव चिरंजीलाल,
गजराम बिलारी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
