मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत बैंक स्तर पर लंबित आवेदनों को 5 नवंबर 2026 तक निस्तारित करना होगा।
जिलाधिकारी अनुनय झा ने अधिकारियों और बैंक प्रबंधकों को इस संबंध में सख्त निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि योजना के आवेदनों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
आवेदन निरस्त करने से पहले आवेदक को इसकी सूचना दी जाए। साथ ही आवेदन में मिली कमियों को दूर कराने में भी सहयोग किया जाए।
जिलाधिकारी कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) की समीक्षा बैठक कर रहे थे।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा में सामने आए आंकड़े
बैठक में उपायुक्त उद्योग, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक और विभिन्न बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधक शामिल हुए। जिला समन्वयकों ने भी प्रतिभाग किया।
इस दौरान उपायुक्त उद्योग दीपेंद्र कुमार ने योजना की प्रगति की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जनपद को 2,700 आवेदनों का लक्ष्य मिला है। इसके सापेक्ष अब तक 3,046 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इनमें से 1,074 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं। वहीं, 1,014 लाभार्थियों को ऋण वितरित किया जा चुका है।
एसबीआई, पीएनबी और केनरा बैंक के लंबित आवेदनों पर नाराजगी
जिलाधिकारी ने बैंकवार आवेदनों की समीक्षा की। इस दौरान भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और केनरा बैंक समेत अन्य बैंकों में लंबित प्रकरण सामने आए।
इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित बैंक अधिकारियों को लंबित आवेदनों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। सभी बैंक आपसी समन्वय बनाकर काम करें।
योजना के निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें।
5 नवंबर 2026 तक सभी लंबित आवेदनों का निस्तारण करने के निर्देश
जिलाधिकारी अनुनय झा ने बैंकवार लक्ष्य के अनुसार लंबित आवेदनों के निस्तारण की समयसीमा तय की।
उन्होंने सभी संबंधित बैंक अधिकारियों को 5 नवंबर 2026 तक प्रकरणों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी होनी चाहिए। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
आवेदन निरस्त करने से पहले आवेदक को दें सूचना
जिलाधिकारी ने आवेदन निरस्त करने की प्रक्रिया को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी आवेदन को निरस्त करने से पहले आवेदक को इसकी जानकारी दी जाए।
यदि आवेदन में कोई कमी है तो उसे दूर कराने में आवेदक का सहयोग किया जाए।
पात्र युवाओं को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बैंक आवेदन निस्तारित नहीं कर रहे हैं। ऐसे बैंक बैठकों में भी प्रतिभाग नहीं कर रहे हैं। संबंधित बैंकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए क्षेत्रीय प्रबंधकों और सक्षम अधिकारियों को पत्र भेजा जाए।
युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है योजना का उद्देश्य
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान प्रदेश सरकार की महत्वपूर्ण योजना है।
इसका उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना के माध्यम से युवा अपना व्यवसाय और उद्यम स्थापित कर सकते हैं।
इससे उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने अधिकारियों और बैंक प्रबंधन को निर्देश दिए कि पात्र युवाओं तक योजना का लाभ पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
ऋण स्वीकृति और वितरण में समयसीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
जिलाधिकारी ने साफ कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
