जनकल्याणकारी ऋण योजनाएं समय पर लागू हों, इसके लिए जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने सख्त रुख अपनाया।
ऋण योजनाएं की समीक्षा बैठक में उन्होंने लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न मिलने पर नाराजगी जताई।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की 12 शाखाओं द्वारा इस वित्तीय वर्ष में एक भी ऋण वितरित न किए जाने पर संबंधित अधिकारियों को तलब किया गया।
पीएनबी की 12 शाखाओं के अधिकारियों को किया तलब
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने बताया कि पीएनबी की 12 शाखाओं ने इस वित्तीय वर्ष में कोई ऋण वितरित नहीं किया।
उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को गुरुवार सुबह 10 बजे कलेक्ट्रेट में विस्तृत रिपोर्ट के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए।
अधिकारियों से ऋण आवेदन और ऋण वितरण न होने के कारण भी मांगे गए।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की प्रगति धीमी
बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान की समीक्षा भी की गई। उपायुक्त उद्योग ने बताया कि वर्ष के लिए 2700 का लक्ष्य तय है।
इस समय तक लगभग 30 प्रतिशत प्रगति होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 26 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हुआ है।
जिलाधिकारी ने ऋण योजनाएं तेज गति से लागू करने और लक्ष्य के अनुरूप ऋण वितरण बढ़ाने के निर्देश दिए।
मनमाने ढंग से ऋण आवेदन निरस्त करने पर रोक
जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र आवेदकों के ऋण आवेदन बिना ठोस कारण के निरस्त नहीं किए जाएं।
यदि कोई आवेदन अस्वीकृत किया जाता है तो उसका स्पष्ट कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा।
इससे ऋण योजनाएं अधिक पारदर्शी बनेंगी और पात्र लाभार्थियों को समय पर लाभ मिलेगा।
हर सप्ताह लगेंगे ऋण वितरण कैंप
जिलाधिकारी ने जनप्रतिनिधियों के सहयोग से साप्ताहिक ऋण वितरण कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए।
इसका उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को जल्द से जल्द ऋण योजनाएं का लाभ उपलब्ध कराना है।
भूमि संबंधी रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के निर्देश
उन्होंने कहा कि भूमि या संपत्ति को बंधक रखकर ऋण स्वीकृत करने से पहले संबंधित तहसील से रिपोर्ट लेना अनिवार्य होगा।
सभी एसडीएम को निर्देश दिए गए कि बैंक द्वारा रिपोर्ट मांगे जाने पर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए, ताकि ऋण स्वीकृति में देरी न हो।
आरसेटी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की भी हुई समीक्षा
आरसेटी (RSETI) की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने भविष्य में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों का शुभारंभ जनप्रतिनिधियों के माध्यम से कराने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, उपायुक्त उद्योग और विभिन्न बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
