मुरादाबाद। स्कूल चलो अभियान मुरादाबाद के द्वितीय चरण की शुरुआत मंगलवार को उत्साह के साथ हुई।
पंचायत भवन परिसर से मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह और जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
स्कूल चलो अभियान मुरादाबाद का उद्देश्य 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के प्रत्येक पात्र बच्चे का विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और शिक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।
हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का आह्वान
मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का अधिकार है।
उन्होंने अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की कि स्कूल चलो अभियान मुरादाबाद को जन-जन तक पहुंचाएं।
उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
शत-प्रतिशत नामांकन पर दिया गया जोर
जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा विकसित समाज की मजबूत नींव है।
उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजने की अपील की।
उन्होंने बताया कि परिषदीय विद्यालयों में निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, यूनिफॉर्म, मध्यान्ह भोजन, डीबीटी के माध्यम से विभिन्न सुविधाएं
तथा ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है।
छात्र-छात्राओं ने निकाली जागरूकता रैली
रैली पंचायत भवन (कम्पनी बाग) से शुरू होकर गंज गुरहट्टी और ताड़ीखाना मार्ग से होते हुए पारकर इंटर कॉलेज पहुंचकर समाप्त हुई। रैली में सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
बच्चों ने शिक्षा जागरूकता से जुड़े स्लोगन वाली तख्तियां लेकर लोगों को बच्चों का नामांकन कराने और नियमित विद्यालय भेजने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षा विभाग ने योजनाओं की दी जानकारी
शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों ने परिषदीय विद्यालयों में उपलब्ध सरकारी सुविधाओं की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि शिक्षक बच्चों के सर्वांगीण विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रहे हैं।
स्कूल चलो अभियान मुरादाबाद के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
अभियान को सफल बनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने स्कूल चलो अभियान मुरादाबाद को जन-जन तक पहुंचाने तथा जनपद में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का सामूहिक संकल्प लिया।
अभियान के माध्यम से शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने और प्रत्येक बच्चे को विद्यालय से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
