मुरादाबाद/संभल। पत्रकार कपिल ठाकुर ने अपने ऊपर दर्ज मुकदमों, कथित धमकियों और अस्पताल संचालन से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
पत्रकार कपिल ठाकुर ने प्रशासन को प्रार्थना-पत्र देकर पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराने
और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
झूठे मुकदमों में फंसाने का आरोप
पत्रकार कपिल ठाकुर का आरोप है कि निष्पक्ष पत्रकारिता के कारण उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि डॉक्टर माजिद की शिकायत पर दर्ज एक पुराने मुकदमे में पर्याप्त साक्ष्य न होने के बावजूद उन्हें लगभग चार माह तक जेल में रहना पड़ा।
वहीं 19 जून को दर्ज नए मुकदमे को भी उन्होंने निराधार बताते हुए उसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
धमकी और रंगदारी मांगने का आरोप
पत्रकार कपिल का कहना है कि जेल से रिहा होने के बाद उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं।
उनका आरोप है कि उनसे पांच लाख रुपये की मांग की गई और रकम न देने पर उन्हें
तथा उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कई बार उनकी गाड़ी का पीछा किया गया, जिसकी शिकायत पुलिस से की गई,
लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
सुरक्षा और फर्जी पत्रकारों की जांच की मांग
कपिल ठाकुर ने कहा कि उन्होंने कई अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र और वीडियो साक्ष्य उपलब्ध कराए हैं। इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल सकी।
उन्होंने कुछ लोगों द्वारा स्वयं को पत्रकार बताने वाले व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कराने और कथित फर्जी पत्रकारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अस्पताल दोबारा कैसे संचालित हुआ, इसकी भी जांच हो
पत्रकार कपिल ने डॉक्टर माजिद के अस्पताल के संबंध में भी सवाल उठाए हैं।
उनका कहना है कि यदि अस्पताल को पहले सील किया गया था, तो वह किन परिस्थितियों में दोबारा संचालित हुआ।
उन्होंने अस्पताल की सीलिंग प्रक्रिया, संचालन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
पत्रकार कपिल ठाकुर ने प्रशासन से पूरे मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्पष्टीकरण: इस समाचार में उल्लिखित सभी आरोप पत्रकार कपिल ठाकुर द्वारा लगाए गए हैं।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
