मुरादाबाद। मुरादाबाद जिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अस्पताल की व्यवस्थाओं, मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता की विस्तार से समीक्षा की गई।
मुरादाबाद जिला अस्पताल स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
ड्यूटी में समयपालन और बेहतर उपचार पर जोर
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने सभी चिकित्सकों, स्टाफ नर्सों और कर्मचारियों को निर्धारित समय पर ड्यूटी स्थल पर उपस्थित रहने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक मरीज को समय पर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना अस्पताल की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
सुबह आठ बजे से शुरू होगा ओपीडी पंजीकरण
डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय ने निर्देश दिए कि प्रतिदिन सुबह आठ बजे से ओपीडी में मरीजों का पंजीकरण शुरू किया जाए।
इससे मरीजों को अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
उन्होंने अस्पताल में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर उपलब्ध रखने के भी निर्देश दिए।
वार्डों की स्वच्छता और मरीजों की देखभाल होगी प्राथमिकता
समीक्षा बैठक में भर्ती मरीजों की सुविधा और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया गया।
सभी वार्डों में मरीजों के बिस्तरों की चादरें प्रतिदिन सुबह साढ़े आठ बजे तक बदलने के निर्देश दिए गए।
साथ ही वार्डों की नियमित साफ-सफाई और मरीजों की देखभाल में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया।
अनुशासन और गुणवत्ता से नहीं होगा समझौता
प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक ने कहा कि अस्पताल में अनुशासन, स्वच्छता और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।
सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित मानकों के अनुरूप अपने दायित्वों का निर्वहन करें,
ताकि मरीजों को बेहतर इलाज और सभी आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।
वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेन्द्र कुमार, अस्पताल प्रबंधक कुलदीप सक्सेना सहित जिला चिकित्सालय के सभी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे।
