मुरादाबाद। मंडलायुक्त आञ्जनेय कुमार सिंह की अध्यक्षता में कमिश्नरी सभागार में मंडल स्तरीय श्रम बंधु समिति बैठक आयोजित की गई।
बैठक में श्रमिक हित, औद्योगिक विकास और सरकारी योजनाओं के लाभ को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
अधिकारियों को श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए।
श्रमिकों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मंडलायुक्त ने कहा कि ईपीएफ, ईएसआई और श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक श्रमिकों तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास के लिए श्रमिक हितों की सुरक्षा बेहद जरूरी है।
विभागों को उद्योगों के सहयोगी के रूप में काम करना चाहिए।
लेबर अड्डों पर बढ़ेंगी सुविधाएं
बैठक में मंडलायुक्त ने अपर नगर आयुक्त को निर्देशित किया कि मुरादाबाद के लेबर अड्डों का विकास कराया जाए।
वहां श्रमिकों के बैठने, छाया और स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इस फैसले से श्रमिकों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
ईपीएफ और ईएसआई समस्याओं पर हुई चर्चा
उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों ने ईपीएफ और ईएसआई से जुड़ी समस्याएं बैठक में उठाईं।
मंडलायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के जल्द समाधान के निर्देश दिए।
ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने भी ईएसआई के तहत उपचार और सुविधाएं मिलने में आ रही परेशानियों को रखा।
इस पर ईएसआई विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।
1 अप्रैल 2026 से लागू हुई नई वेतन दरें
उप श्रम आयुक्त ने बताया कि शासन द्वारा जारी नई न्यूनतम वेतन दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दी गई हैं। मंडलायुक्त ने सभी उद्योग संगठनों और सेवायोजकों को निर्देश दिए कि श्रमिकों को नई वेतन दरों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
नई न्यूनतम वेतन दरों को लेकर बैठक में विशेष जोर दिया गया।
मेधावी विद्यार्थियों को किया सम्मानित
बैठक में श्रम विभाग द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालय के हाईस्कूल परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
सम्मानित विद्यार्थियों में उदय प्रताप, पार्थ कुमार, कु. लक्षिता, अंकित और सिद्धांत शामिल रहे।
कई अधिकारी और प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में अपर आयुक्त अरुण कुमार सिंह, उप आयुक्त विकास गजेन्द्र सिंह, अपर नगर आयुक्त मुरादाबाद, उप निदेशक कारखाना, सहायक निदेशक कारखाना, ईएसआई एवं ईपीएफ विभाग के अधिकारी, उद्योग संगठनों और ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
