मुरादाबाद।दिल्ली के Iran Culture House Delhi पहुंचकर इमाम-ए-मेहदी यूथ मिशन के एक वफ्द ने रहबर-ए-इंक़िलाब आयतुल्लाह अली खामनेई की याद में ताज़ियत पेश की।
वफ्द ने Iran Culture House Delhi में कंडोलेंस रजिस्टर में अपने तास्सुरात भी दर्ज किए और ईरान की अवाम के साथ हमदर्दी का इज़हार किया।
Iran Culture House Delhi में कंडोलेंस रजिस्टर में दर्ज किए तास्सुरात
इमाम-ए-मेहदी यूथ मिशन के सदारती रहनुमा एडवोकेट हसन जैदी की क़ियादत में वफ्द नई दिल्ली पहुंचा।
वफ्द ने Iran Culture House Delhi और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास में जाकर ताज़ियत पेश की।
इस दौरान मिशन की जानिब से तैयार किया गया कंडोलेंस लेटर भी पेश किया गया।
इस लेटर पर मुल्क भर के लोगों के सैकड़ों दस्तख़त मौजूद थे। यह ज्ञापन ईरान के नुमाइंदे को सौंपा गया।
ईरान की अवाम के साथ इज़हार-ए-हमदर्दी
वफ्द के अरकान ने Culture House में मौजूद Condolence Register में अपने तास्सुरात दर्ज किए।
उन्होंने ईरान की अवाम और शोहदा के लिए गहरे ग़म और अफसोस का इज़हार किया।
इसके बाद नुमाइंदा मंडल ने ईरान के दूतावास का भी दौरा किया और वहां भी कंडोलेंस रजिस्टर में दस्तख़त कर ताज़ियत पेश की।
रहबर-ए-इंक़िलाब की शख्सियत पूरी उम्मत के लिए मिसाल : हसन जैदी
एडवोकेट हसन जैदी ने कहा कि रहबर-ए-इंक़िलाब की शख्सियत पूरी उम्मत-ए-इस्लामिया के लिए सब्र और हिम्मत की मिसाल रही है।
उन्होंने कहा कि मज़लूमों के हुकूक और इंसाफ़ के लिए उनकी जद्दोजहद हमेशा याद रखी जाएगी।
उनकी विरासत आने वाली नस्लों को हक़ और इंसाफ़ के रास्ते पर चलने की तालीम देती रहेगी।
वफ्द में कई अहम शख्सियात रहीं मौजूद
इस मौके पर वफ्द में मोहम्मदिया हॉल के सेक्रेटरी हाजी डॉ. कायम रज़ा, इस्लाम हैदर, जावेद नक़वी, ज़फरुल हसनैन जैदी, शान जैदी।
जाफर रिज़वी और तहज़ीब जैदी समेत कई अहम शख्सियात मौजूद रहीं।
वफ्द के अरकान ने कहा कि यह ताज़ियती मुहिम इंसानियत, इत्तेहाद और मज़लूमों के साथ खड़े होने का पैग़ाम देती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे कोशिशें आगे भी जारी रहेंगी।
