लखनऊ। डॉ. पुष्प लता शंखवार के नेतृत्व में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के क्वीन मेरी अस्पताल की इनफर्टिलिटी एवं IVF यूनिट ने चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।
यहां सरकारी व्यवस्था के तहत किफायती दरों पर IVF उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अस्पताल में करीब 80 हजार रुपये के खर्च पर IVF प्रक्रिया पूरी की गई।
इस सफलता से उन दंपत्तियों को नई उम्मीद मिली है, जो आर्थिक परेशानी के कारण महंगे इलाज का खर्च नहीं उठा पाते।
15 साल बाद IVF से घर में गूंजी किलकारी
क्वीन मेरी अस्पताल में हाल ही में एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया।
यहां विवाह के 15 साल बाद एक दंपति को संतान सुख प्राप्त हुआ।
डॉ. पुष्प लता शंखवार और उनकी टीम की देखरेख में सफल IVF प्रक्रिया पूरी हुई।
लंबे समय से संतान की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के लिए यह पल बेहद खास रहा।
इस सफलता ने उन महिलाओं और दंपत्तियों को नई उम्मीद दी है, जो लंबे समय से इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे हैं।
कोविड के बाद पहली सफल IVF डिलीवरी की उपलब्धि
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के क्वीन मेरी अस्पताल की IVF यूनिट ने कोविड महामारी के बाद पहली सफल IVF डिलीवरी कराकर महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की थी।
इस सफलता में डॉ. पुष्प लता शंखवार और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
उनके प्रयासों से सरकारी अस्पताल में आधुनिक प्रजनन चिकित्सा सेवाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिली।
महज 80 हजार रुपये में IVF उपचार
आमतौर पर IVF उपचार काफी महंगा माना जाता है। निजी अस्पतालों में इसके लिए लाखों रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं।
ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह उपचार कराना आसान नहीं होता।
डॉ. पुष्प लता शंखवार के नेतृत्व में क्वीन मेरी अस्पताल में करीब 80 हजार रुपये में IVF उपचार उपलब्ध कराया गया।
इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी संतान प्राप्ति के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सकता है।
कौन हैं डॉ. पुष्प लता शंखवार?
डॉ. पुष्प लता शंखवार किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के क्वीन मेरी अस्पताल में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की वरिष्ठ प्रोफेसर हैं।
वह अस्पताल की इनफर्टिलिटी एवं IVF यूनिट की प्रमुख भी हैं।
उन्हें महिला स्वास्थ्य और जटिल स्त्री रोग संबंधी समस्याओं के उपचार का लंबा अनुभव है।
उनकी विशेषज्ञता में हाई रिस्क प्रेग्नेंसी, PCOS, एंडोमेट्रियोसिस और स्त्री रोग संबंधी कैंसर जैसे मामले शामिल हैं।
120 से अधिक शोध पत्रों में योगदान
चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में भी डॉ. पुष्प लता शंखवार का योगदान बताया जाता है।
उनके 120 से अधिक शोध पत्र और वैज्ञानिक लेख राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं।
उनका अनुभव चिकित्सा क्षेत्र में शोध और नई उपचार पद्धतियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान
डॉ. पुष्प लता शंखवार अस्पताल में मरीजों के उपचार के साथ महिला स्वास्थ्य जागरूकता के लिए भी सक्रिय रहती हैं।
वह मासिक धर्म स्वच्छता, PCOS और एंडोमेट्रियोसिस जैसी समस्याओं के प्रति महिलाओं को जागरूक करने पर जोर देती हैं।
इन विषयों पर स्वास्थ्य कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों के माध्यम से महिलाओं को जरूरी जानकारी दी जाती है।
आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए उम्मीद
समाज में आज भी बहुत सी महिलाएं इनफर्टिलिटी की समस्या से परेशान हैं।
महंगे उपचार के कारण कई परिवार IVF कराने में असमर्थ रहते हैं।
ऐसे में सरकारी अस्पतालों में किफायती उपचार की सुविधा उनके लिए राहत बन सकती है।
डॉ. पुष्प लता शंखवार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।
सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से उन्हें संतान प्राप्ति के उपचार का अवसर मिले।
क्वीन मेरी अस्पताल की IVF यूनिट की यह उपलब्धि महिला स्वास्थ्य और प्रजनन चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है।
डॉ. पुष्प लता शंखवार और उनकी टीम के प्रयासों से उन परिवारों में उम्मीद जगी है, जो लंबे समय से संतान सुख की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
