मुरादाबाद: सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त संगीता सिंह ने विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
उन्होंने जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर दिया।
मुरादाबाद मंडल की आईजीआरएस रैंकिंग अगस्त में 11वें स्थान पर थी।
सितंबर में सुधार के बाद मंडल तीसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं, रामपुर लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
आईजीआरएस रैंकिंग में मुरादाबाद मंडल का सुधार
कमिश्नरी सभागार में मंडलायुक्त श्रीमती संगीता सिंह की अध्यक्षता में मासिक समीक्षा बैठक हुई।
इसमें सीएम डैशबोर्ड के अनुसार विकास कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की स्थिति भी जांची गई।
मुरादाबाद मंडल की आईजीआरएस रैंकिंग में सितंबर माह के दौरान उल्लेखनीय सुधार हुआ। मंडल अगस्त की 11वीं रैंक से तीसरे स्थान पर पहुंच गया।
जनपदवार रैंकिंग में अमरोहा 44वें स्थान से पांचवें स्थान पर पहुंचा। बिजनौर ने 44वें स्थान से छठा स्थान प्राप्त किया।
मुरादाबाद 33वें स्थान से सुधरकर 27वें स्थान पर पहुंचा। सम्भल की रैंकिंग भी 56वें स्थान से सुधरकर 44वें स्थान पर आ गई। रामपुर लगातार प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
मंडलायुक्त ने अधिकारियों को जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने शिकायतकर्ता की संतुष्टि और निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
स्वास्थ्य सेवाओं और छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। जननी सुरक्षा योजना में अमरोहा की सी श्रेणी की रैंकिंग के कारणों की जानकारी ली गई।
इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जवाब मांगा गया।
मंडलायुक्त ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजना में निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्रवाई करने को कहा। एंबुलेंस के रिस्पांस टाइम की भी समीक्षा हुई।
निजी अस्पतालों में निर्धारित मानकों के पालन की जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश दिए गए।
पशुओं को खुरपका-मुंहपका रोग से बचाने के लिए टीकाकरण की स्थिति भी जांची गई।
सुनने में अक्षम लोगों को स्थानीय स्तर पर ऑडियोमेट्रिस्ट की सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।
धान खरीद और आवास योजनाओं में पारदर्शिता के निर्देश
मंडलायुक्त ने धान खरीद की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से संबंधित जानकारी प्राप्त की।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और शहरी के तहत पात्र लाभार्थियों का चयन पारदर्शिता से करने को कहा।
सम्भल और बिजनौर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित न होने के कारणों की जानकारी भी ली गई।
खराब ट्रांसफार्मर 48 घंटे में बदलने की व्यवस्था
विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई।
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर 48 घंटे के भीतर बदले जाते हैं।
विभाग के पास अतिरिक्त ट्रांसफार्मर भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।
मंडलायुक्त ने विद्युत संबंधी शिकायतों का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
तालाबों को अतिक्रमणमुक्त कराने पर जोर
मंडलायुक्त ने मोढ़ा तैया को वेटलैंड के रूप में चिन्हित कराने के लिए जिलाधिकारी मुरादाबाद को निर्देश दिए।
उन्होंने अतिक्रमण वाली तालाब की भूमि को खाली कराकर तालाब के रूप में विकसित करने को कहा।
वीबी-जी राम जी के अंतर्गत इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
प्रत्येक जिले में एक माह के भीतर कम से कम 10 तालाबों पर काम शुरू कराने का लक्ष्य रखा गया।
चकरोड पर अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतों का स्थायी समाधान करने को भी कहा गया।
जल जीवन मिशन की परियोजनाओं का रैंडम सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए।
इससे कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविक प्रगति का आकलन किया जा सकेगा।
विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के निर्देश
कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में छात्राओं के लिए आवश्यक फर्नीचर और अलमारी उपलब्ध कराने पर चर्चा हुई।
मंडल के सात विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल नहीं होने के मामले में एडी बेसिक को जल्द काम शुरू कराने के निर्देश दिए गए।
वहीं, 20 विद्यालयों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन विद्युत लाइनों को लेकर भी चिंता जताई गई।
मंडलायुक्त ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को बच्चों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने को कहा।
प्रत्येक जिले में विकसित होगा कपि वन
सामाजिक वानिकी की समीक्षा में बंदरों से होने वाली समस्याओं पर चर्चा हुई। मंडलायुक्त ने प्रत्येक जिले में कपि वन विकसित करने के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा, अगले दो माह में प्रत्येक जिले में कम से कम एक बड़ी गौशाला को मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर मंडलायुक्त का जोर
मंडलायुक्त संगीता सिंह ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने पात्र लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और आमजन की समस्याओं का प्रभावी समाधान करने पर जोर दिया।
बैठक में जिलाधिकारी मुरादाबाद अनुनय झा, जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी, जिलाधिकारी सम्भल अंकित खंडेलवाल, जिलाधिकारी अमरोहा नितिन गौड़ और जिलाधिकारी बिजनौर उमेश प्रताप सिंह मौजूद रहे। इनके अलावा सभी मुख्य विकास अधिकारी और अन्य मंडलीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
