मुरादाबाद। धान खरीद में अनियमितता मिलने पर क्रय केंद्र प्रभारी और संबंधित नोडल एजेंसी के प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जिलाधिकारी अनुनय झा ने धान खरीद वर्ष 2026-27 को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि धान खरीद में अनियमितता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों की शिकायतों की जांच होगी।
अनियमितता की पुष्टि होने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
क्रय केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य
जिलाधिकारी अनुनय झा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक आयोजित की गई।
इसमें धान खरीद केंद्रों के प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारु बनाने पर जोर दिया गया।
जिलाधिकारी ने खाद्य विभाग और भारतीय खाद्य निगम के क्रय केंद्रों पर 1 नवंबर 2026 तक सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।
कैमरों की रिकॉर्डिंग का 15 दिन का डाटा सुरक्षित रखना होगा। इससे धान खरीद प्रक्रिया की निगरानी की जा सकेगी।
पहले आने वाले किसानों का धान पहले खरीदा जाएगा
जिलाधिकारी ने कहा कि क्रय केंद्रों पर किसानों का विवरण निर्धारित रजिस्टर में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
पहले आने वाले किसानों का धान पहले खरीदा जाएगा। खरीद प्रक्रिया में किसी भी किसान के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि धान खरीद में अनियमितता या किसानों के साथ मनमानी की शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।
शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
धान उठान करने वाले वाहनों पर लगेगा GPS
बैठक में धान उठान की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी से नामित ठेकेदारों और परिवहन व्यवस्था की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिए कि धान उठान में इस्तेमाल होने वाले प्रत्येक वाहन पर GPS लगाना अनिवार्य होगा।
इससे वाहनों की आवाजाही पर नजर रखी जा सकेगी। साथ ही धान के परिवहन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी।
किसानों को क्रय केंद्रों पर मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
जिलाधिकारी ने सभी क्रय केंद्रों पर शासन द्वारा निर्धारित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि धान बेचने आने वाले किसानों को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
धान में नमी से जुड़े निर्धारित मानकों का पालन किया जाए। जांच की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए।
किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
धान खरीद में अनियमितता रोकने के लिए सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी का सही ढंग से निर्वहन करें।
जनपद में बनाए गए हैं 63 धान क्रय केंद्र
जनपद में धान खरीद के लिए कुल 63 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें विभिन्न एजेंसियों के केंद्र शामिल हैं।
- खाद्य विभाग की विपणन शाखा: 28 क्रय केंद्र
- भारतीय खाद्य निगम: 1 क्रय केंद्र
- उत्तर प्रदेश सहकारी संघ: 16 क्रय केंद्र
- उत्तर प्रदेश कोऑपरेटिव यूनियन: 10 क्रय केंद्र
- उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ: 8 क्रय केंद्र
जिलाधिकारी ने सभी केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे शासन के नियमों के अनुसार धान खरीद सुनिश्चित करें।
किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में अपर जिलाधिकारी नगर अंकुर श्रीवास्तव, सहायक निबंधक सहकारिता अमरेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और धान क्रय केंद्रों के प्रभारी मौजूद रहे।
