कुन्दरकी। 25 हजार के इनामी हत्यारोपी विशाल चौधरी गिरफ्तार होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
पुलिस और आरोपी के बीच हुई मुठभेड़ में विशाल चौधरी के पैर में गोली लगी। घायल आरोपी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया।
पुलिस ने उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त अवैध .315 बोर तमंचा, पांच जिंदा कारतूस और दो खोखा कारतूस बरामद किए।
25 हजार के इनामी हत्यारोपी विशाल चौधरी गिरफ्तार होना पुलिस के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
हत्या के बाद से फरार चल रहा था आरोपी
पुलिस के अनुसार 14 जून को ग्राम खिताबपुर उर्फ खनुपुरा में पुरानी रंजिश और एससी/एसटी एक्ट के मुकदमे में समझौते का दबाव बनाने को लेकर अंकित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इसी घटना में आशीष और उसके भाई पर भी जानलेवा फायरिंग की गई थी।
मामले में निखिल चौधरी, विशाल चौधरी, रामवीर चौधरी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
मुखबिर की सूचना पर हुई मुठभेड़
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित टीम लगातार फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी।
शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर कुन्दरकी-डींगरपुर मार्ग स्थित बसेरा खास संपर्क मार्ग पर पुलिस ने घेराबंदी की।
खुद को घिरता देख विशाल चौधरी ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने का प्रयास किया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में कबूला साजिश का राज
पूछताछ के दौरान विशाल चौधरी ने बताया कि वर्ष 2020 में दर्ज मुकदमे की रंजिश के चलते उसने अपने भाई निखिल चौधरी,
ताऊ रामवीर चौधरी और साथी सतेंद्र सिंह के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
आरोप है कि पहले आशीष और उसके भाई पर जानलेवा हमला किया गया और बाद में अंकित को निशाना बनाया गया,
जिसमें निखिल चौधरी की गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
वहीं, मामले में फरार रामवीर चौधरी और सतेंद्र सिंह की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
