मुरादाबाद। बिजनौर जिले के नहटौर नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) पर वाल्मीकि समाज के युवाओं के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराने के गंभीर आरोप लगे हैं।
इस मामले को लेकर सोमवार को मुरादाबाद में मंडलायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया गया और ज्ञापन सौंपा गया।
वाल्मीकि समाज का प्रदर्शन और आरोप
राष्ट्रीय दलित पिछड़ा वर्ग भारत के कार्यकर्ताओं ने मंडल अध्यक्ष रोहित वाल्मीकि के नेतृत्व में प्रदर्शन किया।
संगठन का कहना है कि वाल्मीकि समाज के युवाओं पर झूठे मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जो पूरी तरह से द्वेष भावना से प्रेरित हैं।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
हड़ताल और गिरफ्तारी को लेकर विवाद
संगठन के अनुसार, नगर पालिका कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर संवैधानिक तरीके से हड़ताल कर रहे थे।
इस हड़ताल का नेतृत्व अर्जुन वाल्मीकि कर रहे थे।
आरोप है कि हड़ताल के दौरान अर्जुन वाल्मीकि ने नगर पालिका में कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं को उजागर किया,
जिसके बाद उनके खिलाफ साजिशन मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया।
ईओ की जांच और रिहाई की मांग
ज्ञापन में निम्न मांगें रखी गईं—
- पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए
- नहटौर नगर पालिका ईओ की संपत्ति की जांच हो
- कथित भ्रष्टाचार की जांच की जाए
- अर्जुन वाल्मीकि को तत्काल रिहा किया जाए
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रदर्शन के दौरान कई कार्यकर्ता शामिल रहे, जिनमें अनिल उर्फ सोनी, हनी, राजू, शुभम, बंटी, आशीष, संजीव कुमार, संजय, अनिल राव, राहुल, मार्शल, राम अवतार राणा, राहुल सेवक सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
