मुरादाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को ई-लॉटरी से कृषि यंत्रों के लिए किसानों का चयन किया गया।
यह प्रक्रिया जिला स्तरीय कार्यकारी समिति (डीएलईसी) की बैठक के दौरान सम्पन्न हुई।
बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी ने की।
किसानों का चयन पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हुई डीएलईसी बैठक
बैठक में बड़ी संख्या में किसान और अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत उप कृषि निदेशक संतोष कुमार द्विवेदी ने की। उन्होंने किसानों और अधिकारियों का स्वागत किया।
साथ ही ई-लॉटरी से कृषि यंत्रों के लिए किसानों का चयन कैसे होगा, इसकी पूरी जानकारी दी।इसके बाद मुख्य विकास अधिकारी की अनुमति से कृषि विभाग के दर्शन पोर्टल 2.0 पर ई-लॉटरी की प्रक्रिया शुरू की गई।
इन योजनाओं के तहत हुआ किसानों का चयन
यंत्रों के लिए किसानों का चयन दो प्रमुख योजनाओं के तहत किया गया।
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजनाप्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेसिड्यू योजनाइन योजनाओं के तहत अनुदान पर कृषि यंत्र खरीदने के लिए किसानों ने ऑनलाइन बुकिंग की थी।
सामान्य और अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों का चयन
सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन योजना में सामान्य वर्ग के एकल यंत्रों के लिए 6 लक्ष्य निर्धारित थे। इसके लिए 29 किसानों ने बुकिंग कराई थी।
ई-लॉटरी से कृषि यंत्रों के लिए किसानों का चयन करते हुए 6 किसानों को चुना गया।
अनुसूचित जाति वर्ग के लिए 4 लक्ष्य थे। इसके लिए 14 किसानों ने आवेदन किया था।
इनमें से 4 किसानों का चयन किया गया।
क्रॉप रेसिड्यू मैनेजमेंट योजना में भी चयन
प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेसिड्यू योजना के तहत भी किसानों का चयन किया गया।
सामान्य वर्ग में 5 लक्ष्य थे23 किसानों ने बुकिंग कराई थीइनमें से 5 किसानों का चयन किया गयाअनुसूचित जाति वर्ग में 1 लक्ष्य था। इसके लिए 6 किसानों ने आवेदन किया था।
किसानों का चयन करते हुए 1 किसान को चुना गया।
चयनित किसानों को भेजी गई सूचना
चयनित किसानों को इसकी सूचना उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दी गई है।
यदि कोई चयनित किसान निर्धारित समय सीमा के भीतर कृषि यंत्र नहीं खरीदता है,
तो प्रतीक्षा सूची में पहला किसान स्वतः चयनित हो जाएगा।
समय सीमा के भीतर खरीदने की अपील
उप कृषि निदेशक संतोष कुमार द्विवेदी ने किसानों से अपील की कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें।
किसान कृषि विभाग के पोर्टल पर सूचीबद्ध कंपनियों से ही कृषि यंत्र खरीदें।
साथ ही बिल और दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करें, ताकि सत्यापन के बाद अनुदान की राशि जल्दी मिल सके।
किसानों को मिला मुफ्त मूंग बीज मिनीकिट
कार्यक्रम के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने गन्ना अंत: फसल योजना के तहत किसानों को नि:शुल्क मूंग बीज मिनीकिट भी वितरित किए।
