मेरठ, 13 जून। ऊर्जा भवन मेरठ पेंशन अदालत में शनिवार को त्रैमासिक पेंशन अदालत का आयोजन किया गया।
ऊर्जा भवन मेरठ पेंशन अदालत में मेरठ, मुरादाबाद, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर सहित विभिन्न जिलों से प्राप्त 11 मामलों की सुनवाई हुई।
अधिकारियों ने सभी लंबित मामलों का समयबद्ध और पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
पेंशन, ग्रेच्युटी और चिकित्सा प्रतिपूर्ति के मामलों पर हुई सुनवाई
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पीवीवीएनएल) के डिस्कॉम मुख्यालय ऊर्जा भवन में आयोजित अदालत का उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों की समस्याओं का शीघ्र समाधान करना था।
अदालत में पेंशन, पारिवारिक पेंशन, ग्रेच्युटी, चिकित्सा प्रतिपूर्ति और अन्य वित्तीय देयों से जुड़े मामलों की सुनवाई की गई।
आशु कालिया ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता (आईएएस) के निर्देश पर आयोजित पेंशन अदालत की अध्यक्षता निदेशक (कार्मिक एवं प्रशासन) आशु कालिया ने की।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि सभी लंबित मामलों का नियमानुसार और तय समय सीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
साथ ही पेंशनर्स को उनके सभी वैधानिक लाभ समय पर उपलब्ध कराए जाएं।
पेंशनर्स ने की निगम की पहल की सराहना
अदालत में लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस व्यवस्था से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान तेज़ी से हो सकेगा।
12 सितंबर 2026 को होगी अगली पेंशन अदालत
अधिकारियों ने बताया कि ऊर्जा भवन मेरठ पेंशन अदालत का आयोजन नियमित रूप से जारी रहेगा।
अगली त्रैमासिक पेंशन अदालत 12 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम में मुख्य अभियंता मो. सगीर, गुलाब सिंह, अधीक्षण अभियंता एस.के. अग्रवाल, अधिशासी अभियंता अनुराग कुमार,
परवेज आलम, वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी प्रभात कुमार, उपमुख्य लेखाधिकारी सचिन काम्बोज (मुरादाबाद),
पुनीत (बुलंदशहर), सहायक लेखाधिकारी विवेक कुलश्रेष्ठ, कार्यकारी सहायक राजीव आनंद,
अमरीश कुमार सहित विभिन्न वितरण क्षेत्रों के अधिकारी मौजूद रहे।
