मुरादाबाद। दिल्ली अग्निकांड के बाद मुरादाबाद अलर्ट के चलते जिले का अग्निशमन विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है।
इसी क्रम में रविवार को दिल्ली रोड स्थित ग्रीन आर्किड हाईराइज बिल्डिंग में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।
दिल्ली अग्निकांड के बाद अलर्ट के तहत यह अभ्यास मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजीव कुमार पांडे की निगरानी में संपन्न हुआ।
करीब 14 मंजिला इस इमारत में फायर टीम ने आग लगने की संभावित स्थिति को ध्यान में रखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन का अभ्यास किया।
टीम ने अलग-अलग फ्लोर पर पहुंचकर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की प्रक्रिया को दोहराया।
मुरादाबाद अलर्ट के तहत इस अभ्यास का उद्देश्य आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।
सुरक्षा उपकरणों की गहन जांच
मॉक ड्रिल के दौरान बिल्डिंग में लगे फायर अलार्म, स्प्रिंकलर सिस्टम, फायर एक्सटिंग्विशर और हाइड्रेंट सिस्टम की बारीकी से जांच की गई।
मुरादाबाद अलर्ट को देखते हुए यह सुनिश्चित किया गया कि सभी उपकरण पूरी तरह कार्यशील हों।
और जरूरत पड़ने पर तुरंत उपयोग में लाए जा सकें।
रिस्पॉन्स टाइम और समन्वय का परीक्षण
ड्रिल के दौरान यह भी परखा गया कि सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की टीम कितनी तेजी से मौके पर पहुंचती है।
और किस तरह राहत एवं बचाव कार्य को अंजाम देती है।
अलर्ट के तहत टीम के आपसी समन्वय, उपकरणों के उपयोग और रेस्क्यू तकनीकों का भी परीक्षण किया गया।
लोगों को किया गया जागरूक
फायर टीम ने बिल्डिंग में मौजूद निवासियों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में घबराने से बचने, सुरक्षित मार्ग से बाहर निकलने और प्राथमिक स्तर पर आग बुझाने के तरीकों की जानकारी दी।
दिल्ली अग्निकांड के बाद मुरादाबाद अलर्ट के तहत जागरूकता अभियान पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ताकि आम लोग भी आपात स्थिति में सही निर्णय ले सकें।
सीएफओ ने दी अहम सलाह
सीएफओ राजीव कुमार पांडे ने बताया कि दिल्ली अग्निकांड के बाद मुरादाबाद अलर्ट रखते हुए जिले की सभी हाईराइज इमारतों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच और मॉक ड्रिल कराई जा रही है।
उन्होंने भवन प्रबंधन और निवासियों से अपील की कि वे फायर सेफ्टी नियमों का पालन करें।
समय-समय पर उपकरणों की जांच कराते रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।
