मुरादाबाद के कांठ क्षेत्र के सलेमपुर गांव में कई दिनों से दहशत का कारण बना तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया।
सलेमपुर तेंदुआ पकड़ा गया की खबर फैलते ही गांव में राहत की लहर दौड़ गई।
लंबे समय से ग्रामीण भय के साये में जी रहे थे। खेतों और जंगल के आसपास जाना लोगों के लिए खतरे से खाली नहीं था।
अब जब सलेमपुर तेंदुआ पकड़ा गया, तो लोगों ने राहत की सांस जरूर ली, लेकिन मन में डर अभी भी बना हुआ है।
मासूम पर हमले के बाद बढ़ा था डर
इस पूरे मामले ने उस समय गंभीर रूप ले लिया था, जब गांव के किसान राजीव कुमार अपने खेत में पत्नी ललिता के साथ गेहूं की गहाई कर रहे थे।
उनका पांच वर्षीय पुत्र लाव्यांश पास में खेल रहा था।
अचानक झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने बच्चे पर हमला कर दिया और उसे अपने जबड़ों में दबोच लिया।
बच्चे की चीख सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर दौड़े और जोर-जोर से शोर मचाया।
लोगों की आवाज सुनकर तेंदुआ बच्चे को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।
घायल बच्चे को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
इस घटना के बाद गांव में भय और आक्रोश दोनों बढ़ गए थे और लोग लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे थे।
सर्च ऑपरेशन के बाद जाल में फंसा तेंदुआ
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने तत्काल इलाके में सर्च अभियान शुरू किया।
कई स्थानों पर पिंजरे लगाए गए और लगातार निगरानी की गई।
टीम दिन-रात इलाके में गश्त करती रही। इसी अभियान का परिणाम रहा कि आखिरकार सलेमपुर तेंदुआ पकड़ा गया।
वन विभाग की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
क्योंकि तेंदुआ काफी चालाक और खतरनाक बताया जा रहा था।
सुबह होते ही पिंजरे में कैद मिला तेंदुआ
डिप्टी रेंजर पुष्पेंद्र सिंह के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे सूचना मिली कि तेंदुआ पिंजरे में फंस चुका है।
जैसे ही यह खबर गांव में फैली, बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों की भीड़ पिंजरे में कैद तेंदुए को देखने के लिए उमड़ पड़ी।
सभी के चेहरे पर राहत के साथ-साथ उत्सुकता भी दिखाई दी।
तेंदुए को बेहद खतरनाक माना जा रहा है, जिसने पिछले कुछ दिनों से पूरे इलाके में दहशत फैला रखी थी।
डीयर पार्क में सुरक्षित रखा गया तेंदुआ
सलेमपुर तेंदुआ पकड़ा गया के बाद वन विभाग ने उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।
फिलहाल तेंदुए को मुरादाबाद के डीयर पार्क में रखा गया है, जहां उसकी निगरानी की जा रही है।
आगे की कार्रवाई वन्यजीव नियमों के तहत की जाएगी, ताकि उसे सुरक्षित तरीके से उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके या अन्य आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
राहत के साथ बना हुआ है डर का माहौल
हालांकि सलेमपुर तेंदुआ पकड़ा गया से ग्रामीणों को काफी राहत मिली है।
लेकिन इलाके में दहशत पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में और भी तेंदुओं की मौजूदगी हो सकती है।
उन्होंने वन विभाग से मांग की है कि सर्च अभियान जारी रखा जाए और बाकी तेंदुओं को भी जल्द पकड़ा जाए।
लोगों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने की अपील भी की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
घटना का संदेश और सतर्कता की जरूरत
सलेमपुर तेंदुआ पकड़ा गया एक बड़ी कार्रवाई जरूर है।
लेकिन यह घटना जंगल से सटे गांवों के लिए एक चेतावनी भी है।
लोगों को सतर्क रहने, बच्चों को अकेला न छोड़ने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना वन विभाग को देने की सलाह दी गई है।
इस घटना ने साफ कर दिया है कि जंगली जानवरों की हलचल को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है।
