मॉडिफाइड साइलेंसर व प्रेशर हॉर्न पर सख्ती अब मुरादाबाद में साफ दिखने लगी है। संभागीय परिवहन विभाग ने वर्कशॉप संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है।
साइलेंसर व प्रेशर हॉर्न लगाने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई होगी।
RTO की बैठक में सख्त निर्देश
मुरादाबाद के परिवहन कार्यालय में बैठक हुई। इसमें वाहन डीलर्स और वर्कशॉप संचालक शामिल हुए।अध्यक्षता संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) संदीप कुमार पंकज ने की।
उन्होंने कहा—इस पर अब कोई ढील नहीं होगी।
1 लाख तक जुर्माना, वर्कशॉप भी जिम्मेदार
अधिकारियों ने बताया कि मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए(3) लागू होगी।हर मामले में 1 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।
जो वर्कशॉप मॉडिफाइड साइलेंसर व प्रेशर हॉर्न लगाते पकड़े गए, उन पर सीधी कार्रवाई होगी।
वाहन मालिकों पर भी कड़ी कार्रवाई
धारा 182ए(4) के तहत वाहन मालिक भी नहीं बचेंगे।6 महीने तक की सजा हो सकती है।या 5 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा।या दोनों दंड एक साथ दिए जा सकते हैं।
सड़क पर पकड़े गए तो लाइसेंस भी सस्पेंड
अगर वाहन चलते समय मॉडिफाइड साइलेंसर व प्रेशर हॉर्न मिला—तो धारा 190(2) के तहत कार्रवाई होगी।
10 हजार रुपये तक जुर्माना लगेगा।ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने के लिए निलंबित किया जाएगा।
RC निलंबन की भी तैयारी
धारा 53(1) के तहत RC भी सस्पेंड की जा सकती है।ऐसे वाहन सड़क पर नहीं चल पाएंगे।
प्रदूषण और शोर फैलाने वालों पर सीधा एक्शन होगा।
लोगों से अपील
RTO ने जनता से अपील की है।इसे अपने वाहन में न लगाएं।
नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई तय है।
