मुरादाबाद खादी सेमिनार में खादी को आधुनिक फैब्रिक के रूप में बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
मण्डल स्तरीय इस कार्यक्रम में खादी के प्रमोशन, ब्रांडिंग और युवाओं को जोड़ने पर चर्चा हुई।
श्रीगांधी आश्रम में हुआ आयोजन
मुरादाबाद खादी सेमिनार का आयोजन श्रीगांधी आश्रम परिसर में किया गया। यह सेमिनार उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग विभाग द्वारा आयोजित किया गया।
मुख्य अतिथि रामगोपाल उर्फ गोपाल अंजान और ओमप्रकाश गोला प्रजापति रहे।दोनों अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
खादी को आधुनिक फैब्रिक बनाने पर फोकस
मुरादाबाद खादी सेमिनार में विशेषज्ञों ने खादी को आधुनिक फैब्रिक के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिया।
वक्ताओं ने कहा कि खादी अब केवल पारंपरिक नहीं, बल्कि फैशन इंडस्ट्री का हिस्सा बन सकती है।
खादी की ब्रांडिंग और मार्केटिंग को मजबूत करने की जरूरत बताई गई।
विशेषज्ञों ने दी जानकारी
सेमिनार में पंकज कुमार, आनंद कुमार, डॉ. मदन मोहन शुक्ला और डॉ. कीर्ति श्रीवास्तव ने अपने विचार रखे। उन्होंने खादी के नए उपयोग और डिजाइन पर प्रकाश डाला।
युवाओं को खादी अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
400 से अधिक लोगों की भागीदारी
मुरादाबाद खादी सेमिनार में 400 से अधिक बुनकर और कारीगर शामिल हुए। मण्डल की सभी खादी संस्थाओं ने इसमें भाग लिया।
यह भागीदारी खादी के प्रति बढ़ती रुचि को दिखाती है।
खादी: सस्टेनेबल और स्वदेशी विकल्प
सेमिनार में खादी को पर्यावरण अनुकूल और सस्टेनेबल फैब्रिक बताया गया। छात्रों और शिक्षकों को खादी के फायदे समझाए गए।
खादी प्राकृतिक है। खादी स्वदेशी है। खादी भविष्य का फैशन बन सकती है।
उद्यमियों को नवाचार की जानकारी
मुरादाबाद खादी सेमिनार में उद्यमियों को नए बिजनेस आइडिया बताए गए। नवाचार के जरिए खादी उद्योग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया।
ग्रामोद्योग उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की गई।
अधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में आरएस भदौरिया और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
मण्डल के जिला ग्रामोद्योग अधिकारी और स्टाफ ने भी भाग लिया।
