मुरादाबाद में अयातुल्ला सैयद अली खामनेई की शहादत पर ऑल इंडिया मुस्लिम फेडरेशन (महानगर इकाई) की एक विशेष बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में फेडरेशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने खामनेई की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त किया।
साथ ही उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ भी की गई।
चौधरी अब्दुल समद की सदारत में हुई बैठक
बैठक की सदारत फेडरेशन के संस्थापक सदस्य चौधरी अब्दुल समद ने की। वहीं निजामत के फराइज़ फिरोज़ खान ने अदा किए।
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि खामनेई की शहादत केवल ईरान के लिए ही नहीं,
बल्कि पूरे मुस्लिम जगत और मानवता के लिए अपूरणीय क्षति है।
उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को देंगे प्रेरणा
फेडरेशन के महानगर अध्यक्ष साहिल शमसी ने कहा कि अयातुल्ला सैयद अली खामनेई की शहादत से पूरी दुनिया में शोक की लहर है।
उन्होंने कहा कि अयातुल्ला खामनेई ने अपने जीवन में न्याय, शांति और मानवता के मूल्यों के लिए संघर्ष किया।
उनके विचार आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देते रहेंगे।
जंग किसी समस्या का समाधान नहीं
जिला महासचिव एवं युवा लेखक फिरोज़ खान ने कहा कि जंग किसी भी समस्या का समाधान नहीं होती।
उन्होंने कहा कि युद्ध केवल विनाश और तबाही को जन्म देता है।
वहीं युद्ध में सबसे अधिक नुकसान मासूम और बेगुनाह लोगों को उठाना पड़ता है।
वैश्विक हालातों पर भी जताई चिंता
सैय्यद तारीक अनवर ने वैश्विक हालातों पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि विश्व की महाशक्तियों को विस्तारवादी और तानाशाही नीतियों से बचना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र की सीमाओं और उसके नेतृत्व का सम्मान करना अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक शांति के लिए जरूरी है।
सूरह फातिहा पढ़कर की गई दुआ
बैठक के अंत में बम हमलों में शहीद हुए मासूम लोगों की आत्मा की शांति के लिए सूरह फातिहा पढ़ी गई।
इसके बाद विश्व में अमन और शांति की दुआ की गई।
वक्ताओं ने कहा कि अयातुल्ला सैयद अली खामनेई की शहादत और उनके विचारों को हमेशा याद रखा जाएगा।
ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर मोहसिन खान, गुलजार अहमद, इस्लामुल्लाह खान, हाफिज कासिम, मुजाहिद फराज, हम्माद खान सहित फेडरेशन के कई पदाधिकारी और सदस्य मौजूद रहे।
